Wednesday , February 28 2024

Yes Bank के शेयरों का होगा तीन साल का लॉक इन पीरियड

Yes Bank के शेयरधारकों के शेयर तीन साल तक नहीं बेच पाएंगे शेयर

मतलब शेयरधारकों का होगा तीन साल का लॉक इन पीरियड

13 मार्च को सरकार के द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई है जिसमें यस बैंक पर लगे सारे प्रतिबंध 18 मार्च शाम 6:00 बजे समाप्त कर दिए जाएंगे और ₹50000 की निकासी सीमा की पाबंदी खत्म कर दी जाएगी

भारतीय रिजर्व बैंक के 5 मार्च को प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसमें ग्राहक ₹50000 से अधिक प्रति ग्राहक रुपए नहीं निकाल सकता था

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाताओं को बताया कि अधिसूचना जारी होने के बाद यस बैंक से  18 मार्च से प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे

 

और नया निदेशक मंडल गठित होगा इसमें एसबीआई के दो प्रतिनिधि होंगे ,Yes Bank का नया सीईओ और प्रबंधक निर्देशक प्रशांत कुमार को चुना गया है जो कि एसबीआई के पूर्व प्रबंधक निदेशक और मुख्य निवेश अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे

कुछ और अधिकारियों का भी चयन निश्चित हुआ है जैसे पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व गैर कार्यकारी चेयरमैन सुनील मेहता को गैर कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया है ,यस बैंक के पुनर्गठन के रूप में और इसके अलावा महेश कृष्णमूर्ति और अतुल भेड़ा की नियुक्ति गैर कार्यकारी निदेशक के रूप में हुई है

निदेशक के नामांकन के लिए एसबीआई दो अधिकारियों को नामांकित करेगा जबकि आरबीआई दो या दो से अधिक को नामांकित कर सकती है और 15 परसेंट से अधिक शेयर वाले निवेशक भी एक निदेशक को नामांकित कर सकते हैं

MUST READ:

Yes Bank के शेयर धारकों के लिए मुख्य खबर यह है कि केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 12 मार्च 2020 को  Reconstruction Plan से जुड़ी अधिसूचना पारित हुई है जिसमें प्रतिबंधित यस बैंक पर लगी सारी रोक 18 मार्च शाम 6:00 से हटा दी जाएंगी

इस पुनर्गठन योजना में शेयर निवेशकों को ध्यान में रखते हुए कुछ मुख कदम उठाए गए हैं जिन निवेशकों के पास Yes Bank के 100 या अधिक शेयर हैं उनके शेयरों का 75% 3 साल तक नहीं बेच सकेंगे सीधा सीधा मतलब है कि 25 परसेंट शेयर से ज्यादा शेयर आप 3 साल तक नहीं बेच सकते हैं मतलब है कि शेयरधारकों का होगा तीन साल का लॉक इन पीरियड

यह नया नियम नए निवेशकों पर भी लागू होगा 100 से कम शेयर वाले खुदरा निवेशकों को छूट दी गई है 15 मार्च यानी ट्रेडिंग खोलने पर खुदरा निवेशक अपने शेयर नहीं बेच सकते हैं

जिसके तहत 49 परसेंट हिस्सेदारी एसबीआई लेगा और एसबीआई अपने निवेशकों में से 26 परसेंट शेयर का 3 वर्ष तक बेक नहीं पाएगा यह एक क्लॉकिंग समय रहेगा

वित्त मंत्री ने बताया कि अधिकृत पूंजी ग्यारह सौ करोड़ रुपए से बढ़ाकर 62 100 करोड़ कर दी गई है जिससे बैंक की पूंजीगत जरूरतों को बढ़ाया जा सकेगा

MUST READ:

उन्होंने 49 % हिस्सेदारी के साथ शेयर एसबीआई ने तो यस बैंक को मंजूरी दे दी है उसके साथ देश की अन्य बैंक जैसे आईसीआईसीआई , कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक भी यस बैंक को सहयोग प्रदान करेंगे

यह सारी बैंक एसबीआई के साथ मिलकर यस बैंक को 10350 करोड रुपए निवेश के रूप में प्रदान करेंगे

निवेश का प्रारूप निम्नलिखित तरीके से रखा जाएगा

  • जिसमें एसबीआई का 7250 करोड़ आईसीआईसी का 1000 करोड़
  • कोटक महिंद्रा बैंक का 500 करोड़
  • एचडीएफसी बैंक का 1000 करोड़
  • एक्सिस बैंक का 600 करोड़ रुपए होगा

आरबीआई के निर्देश अनुसार यह प्लान भारत सरकार ने देश के लोगों का बैंकिंग में निवेश करने का ध्यान में रखते हुए बनाया गया है इसमें भविष्य में लोगों का बैंकिंग और वित्तीय सिस्टम पर विश्वास बना रहेगा

 

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